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Wednesday, October 01, 2025

भारत में श्रम सुधार: 4 नये लेबर कोड और उनका महत्व (2025 अपडेट)


स्रोत: सामान्य ज्ञान 2021 (मनोहर पाण्डे, अरिहंत पब्लिकेशन) + नवीनतम अपडेट 2025 तक।


🔹 पृष्ठभूमि

भारत में श्रमिक कानून लंबे समय से जटिल और बिखरे हुए थे। इसी को सरल बनाने के लिए 22 सितम्बर 2020 को लोकसभा में तीन श्रम संहिताएँ प्रस्तुत की गईं। बाद में सरकार ने कुल चार लेबर कोड तैयार किए।


🔹 चार प्रमुख श्रम संहिताएँ

  1. औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code), 2020
    ट्रेड यूनियन, हड़ताल और रोजगार अनुबंध से जुड़े प्रावधान।
  2. व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-स्थिति संहिता (OSH Code), 2020
    श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर ध्यान।
  3. सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code), 2020
    EPF, ESI, ग्रेच्युटी, मातृत्व लाभ आदि को एक फ्रेमवर्क में शामिल किया।
  4. वेतन संहिता (Code on Wages), 2019
    न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान और समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित।

🔹 नवीनतम अपडेट (2025)

अब तक इन कोड्स का पूरी तरह राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन लंबित है। कुछ राज्यों ने नियम अधिसूचित कर दिए हैं, परन्तु केंद्र स्तर पर अभी भी सभी राज्यों में लागू होने की प्रक्रिया जारी है।


🔹 परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • भारत में कुल चार प्रमुख लेबर कोड हैं।
  • इनसे 29 पुराने श्रम कानून को समाहित किया गया है।
  • वेतन संहिता सबसे पहले 2019 में लागू हुई थी।
  • राज्यों में अलग-अलग स्तर पर नियम अधिसूचित किए गए हैं।

🔹 संभावित प्रश्न (MCQ)

प्रश्न: भारत सरकार ने श्रमिक कानूनों को सरल बनाने के लिए कितने लेबर कोड बनाए?
उत्तर: 4



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